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रामगंज, बारां में नए धनिए की आवक 15-16 हजार बोरियों से भी ज्यादा की हुई, धनिया का भाव बढ़ा

नई दिल्ली धनिया का भाव बढ़ा – 8 मार्च  राजस्थान की रामगंज और बारां जैसी प्रमुख मंड़ियों में धनिए की आवक बढ़ती जा रही है। व्यापारिक सूत्रों ने बताया कि इन दोनों मंड़ियों में धनिए की आवक बढ़कर करीब 15-16 हजार बोरियों की होने लगी है।

इसकी वजह से इस प्रमुख किराना जिंस की थोक कीमत पर भी दबाव बनना शुरू हो गया है। स्थानीय थोक किराना बाजार में स्टॉकिस्टों की लिवाली निकलने से धनिया बादामी तथा ईगल 300-300 रुपए बढ़कर क्रमशः 8300/8500 रुपए और 8700/8800 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गया। इससे पूर्व इस प्रमुख किराना जिंस में हाल ही में 100-200 रुपए की तेजी आई थी। व्यापारियों का कहना है कि प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में अब नए धनिए की आवक बढ़ने लगी है।

धनिया का भाव बढ़ा , आवक और धनिया भाव

राजस्थान की रामगंज मंड़ी स्थित व्यापारी देवीशंकर ने बताया कि नए धनिए की करीब 13-14 हजार बोरियों की आवक हुई। आवक तुलनात्मक रूप से ऊंची होने तथा लिवाली सुस्त बनी होने के कारण रामगंज मंड़ी में बादामी धनिया 5900/6100 रुपए और ईगल 6500/6700 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गया। धनिया का भाव बढ़ा , इसी प्रकार, राज्य की बारां मंड़ी में भी धनिए की करीब 2 हजार बोरियों की आवक हुई। मंड़ी स्थित व्यापारी गिरीराज शर्मा ने बताया कि नई फसल शुरू होने तथा लिवाली सुस्त बनी होने से धनिया बादामी तथा ईगल क्रमशः 5900/6100 रुपए तथा 6500/6700 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गया। इससे पूर्व इसमें 200-300 रुपए की तेजी आई थी।

धनिए का स्टॉक और अनुमानीत फसल

श्री देवीशंकर ने बताया कि हाल ही में हुए एक सर्वे में बताया गया है कि मध्य प्रदेश में धनिए की फसल करीब 120 प्रतिशत आने के अनुमान हैं, जबकि गुजरात में यह फसल 50-60 प्रतिशत बताई जा रही है। राजस्थान में भी धनिए की फसल करीब 100-110 प्रतिशत आने की संभावना है। इन आंकड़ों को देखें तो धनिए की नई फसल का उत्पादन कमोबेश पुरानी फसल के आसपास ही हो सकता है।

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दूसरे शब्दों में, नए सीजन में देश में धनिए की करीब एक करोड़ बोरियों का उत्पादन होने का अनुमान है। उन्होंने आगे बताया कि इस बार पुरानी फसल का बकाया स्टॉक भी पूर्वानुमानों से काफी ऊंचा बचा हुआ है। एक अनुमान के अनुसार धनिए के नए सीजन की शुरूआत ही इसकी करीब एक करोड़ बोरियों के स्टॉक से हो रही है। बकाया स्टॉक तथा नई फसल को मिलाकर नए सीजन में करीब दो करोड़ बोरियों की उपलब्धता होने का अनुमान है। उपलब्धता की तुलना में देश में धनिए की कुल खपत ही करीब एक करोड़ बोरियों की है।

धनिए का भाव कब बढ़ेगा 2024

दूसरी ओर, चालू मार्च महीने के आरंभ में हाड़ौती के कई क्षेत्रों में वर्षा होने और कुछ स्थानों पर ओले भी पड़ने की रिपोर्ट आई थी। आरंभ में तो यह कहा जा रहा था कि वर्षा और ओलों से धनिए की फसल को हानि होने की आशंका है लेकिन अब यह कहा जा रहा है कि इससे फसल को कोई खास हानि होने का डर नहीं है।

यही वजह है कि धनिए की बढ़ी हुई कीमत ऊंचे स्तर पर टिकी नहीं रह सकी और इसमें ऊंचे स्तर की तुलना में मंदी आने लगी है। इस स्थिति को देखते हुए धनिए की थोक कीमतों में रुक-रुककर मंदी आने लगी है। व्यापारियों ने आगे बताया कि जब धनिए की नई फसल की आवक अपने शीर्ष स्तर पर होगी तब इसमें और मंदी आने की प्रबल आशंका है। आने वाले दिनों में धनिए की आवक का शीर्ष स्तर भी कायम होने के आसार व्यक्त किए जा रहे हैं।

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