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सोयाबीन भाव और सोयाबीन तेल में तेजी की सम्भावना फिर बनी देखे सोयाबीन भाव रिपोर्ट 2024

सोयाबीन भाव रिपोर्ट 2024 – नई दिल्ली, 8 मार्च  सोयाबीन के उत्पादन में कमी से मंडियों में आपूर्ति काफी घट गई है। वहीं तेल के भाव भी बढ़ाकर बोलने लगे हैं, उधर अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारतीय सोया डीओसी के अब आयात पड़ते लगने से वर्तमान भाव के कच्चे मालों में अब और घटने की गुंजाइश नहीं है तथा आगे चलकर लाभप्रद दिखाई दे रहा है।

सोया की आवक मध्य प्रदेश महाराष्ट्र की मंडियों में पूरी तरह टूट गई है। इसकी नई फसल पिछले छ: महीने से आ रही है। मध्य प्रदेश के दतिया, शिवपुरी, सुजालपुर, नीमच, रतलाम, दाहोद के अलावा राजस्थान के कोटा एवं आसपास के क्षेत्रों में फसल का दबाव गत वर्ष की अपेक्षा कम देखने को मिल रहा है। इसके अलावा महाराष्ट्र के अकोला, जलगांव, परभणी, औरंगाबाद लाइन में भी इस बार सोयाबीन की फसल अनुकूल नहीं आई है। हालांकि जो फसल बोई गई थी, उसकी क्वालिटी इस बार बढ़िया आई है, लेकिन सकल उत्पादन चौतरफा कम व प्रति हैक्टेयर उत्पादकता कम रही है।

सोयाबीन भाव में आया सुधार

सितंबर-अक्टूबर में मौसम इस बार अनुकूल होने से सोयाबीन के सीड में दागी कम आया था। फसल पकने के टाइम में सूखा मौसम होने से फसल में दानें बढ़ियां आए हैं। मध्य प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन के भाव 50/75 रुपए बढ़कर 4600/4700 रुपए प्रति क्विंटल लूज में क्वालिटी के अनुसार हो गये हैं। यह ऊपर के भाव से 10 दिनों के अंतराल 150/200 रुपए ऊपर हो गए हैं। प्लांट पहुंच में 5000/5200 रुपए प्रति कुंतल के भाव हो गए हैं।

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इधर महाराष्ट्र के अकोला, जलगांव, औरंगाबाद लाइन में भी प्लांट पहुंच में सोयाबीन 5225/5250 रुपए प्रति क्विंटल के बीच कलर व तेल की प्रतिशतता के हिसाब से व्यापार हो रहा है। गत वर्ष प्लांट पहुंच में इन दिनों 6400/6425 रुपए तक बढ़िया सोयाबीन बिकी थी, जो इस बार विदेशी खाद्य तेलों की भरमार होने से तिलहनों की पिराई कम हो पाई है।

सोयाबीन का बाजार 2024 : सोयाबीन भाव रिपोर्ट 2024

दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पिछली फसल अधिक होने से हमारा निर्यात काफी कम रहा है, इन्हीं कारणों से बाजार काफी नीचे आ चुके हैं तथा सीजन का मंदा हमेशा लाभदायक होता है। सोया डीओसी कोटा लाइन में पिछले महीने 42500/43000 रुपए बिकने के बाद वर्तमान में 39500/39700 रुपए प्रति टन रह गयी है। गत वर्ष इन दिनों सोया डीओसी कोटा लाइन में 61000/61500 रुपए प्रति टन चल रही थी।

ब्राज़ील एवं अर्जेंटीना की फसल कमजोर बताई जा रही है। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मार्च शिपमेंट के भाव ऊंचे होने से भारतीय डीओसी में निर्यातकों की फिर से पूछ पर आने लगी है, इसे देखते हुए आगे चलकर सोयाबीन एवं इसकी डीओसी में कारोबारियों को भरपूर लाभ मिलने वाला है। गत वर्ष सोयाबीन का उत्पादन

126 लाख मीट्रिक टन हुआ था, जबकि इस बार फसल को देखते हुए 120-121 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान लगा रहे हैं। वर्तमान भाव के डीओसी में अब ज्यादा घटने की गुंजाइश नहीं है।

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