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क्या जीरा चलेगा पूरी साल में 10 रु ऊपर निचे देखे जीरा भाव रिपोर्ट कैसा रहेगा बाजार

जीरा भाव रिपोर्ट  2 अप्रैल घटी कीमत पर भी यहां जीरे की बिक्री सुस्त ही बनी रही। यही वजह है कि यहां जीरा सामान्य 26,800 रुपए प्रति क्विंटल के पर्वस्तर पर ही बना रहा। हाल ही में इसमें 200 रुपए की मंदी आई थी। होली तथा मार्च क्लोजिंग की वजह से ऊंझा मंड़ी में 31 मार्च तक अवकाश चल रहा है। उधर, वायदा में भी साप्ताहिक अवकाश रहा लेकिन इससे पूर्व सटोरियों की लिवाली कमजोर पड़ने से सक्रिय वायदा 305 रुपए या 1.28 प्रतिशत मंदा होकर 23,555 रुपए रह गया था। आने वाले एक-दो दिनों में हाजिर में जीरे में सुस्ती बनी रह सकती है।

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जीरे का उत्पादन अधिक होने तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय जीरे का निर्यात पड़ता महंगा होने से लंबी तेजी पूरे वर्ष दिखाई नहीं दे रही है तथा व्यापारियों का अनुमान है कि यह 10 रुपए ऊपर-नीचे चलता रहेगा। अतः इस बार स्टॉक की बजाय मजूरी का काम करते रहना चाहिए।

आवक अभी और अधिक बढ़ेगी जीरा भाव रिपोर्ट  

राजस्थान की फसल जोधपुर बाड़मेर बीकानेर लाइन में आनी बाकी है, उससे पहले ऊंझा मेहसाणा काठियावाड़ सहित पूरे सौराष्ट्र में जीरे का स्टॉक मंडियों में भरा पड़ा है तथा अभी किसी माल का आवक कम होने का नाम ही नहीं ले रही है।

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यही कारण है कि वहां एवरेज जीरा के भाव 5150/5300 रुपए प्रति 20 किलो के बीच चल रहे हैं। गौरतलब है कि गत सीजन में जीरे के रिकॉर्ड भाव होने एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में ऊंचे भाव को देखकर इस बार गुजरात एवं राजस्थान दोनों ही राज्यों के किसानों ने जीरे की बिजाई अधिक किए थे। दूसरी ओर पिछले सीजन का जीरा भी अधिक बचा है, क्योंकि भारी तेजी में कारोबारी 1000 रुपए प्रति किलो की धारणा में सट्टे में माल खरीदते चले गए थे, जो दिसंबर-जनवरी में आकर अटक गया। दूसरी ओर खरीद किए हुए माल 625/650 रुपए प्रति किलो वाले कारोबारियों को 335/340 रुपए में काटने पड़े।

जीरा का भाव और तेजी मंदी : जीरा भाव रिपोर्ट  

उन मालों के भाव इस समय बाजार में 280/290 रुपए प्रति किलो के बीच चल रहे हैं। एवरेज माल 310/320 रुपए बिक रहे हैं तथा सिलेक्टेड माल 360/365 रुपए यहां चल रहे हैं। वास्तविकता यह है कि वायदा बाजार में जो भी स्टॉक पड़ा था, उसकी भी डिलीवरी चल रही है। दूसरी ओर नया माल भी आने लगा है। व्यापारी वर्ग को चिंता यह है कि राजस्थान के जोधपुर लाइन का माल कहां खपेगा, गुजरात की अपेक्षा राजस्थान के माल क्वालिटी में उन्नीस रहता है

 जिससे उन मालों के आने पर बाजार एक बार और घट सकता है तथा दूरगामी परिणाम ज्यादा तेजी का दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि वायदा बाजार में मंदे भाव को दिखाकर एक बार बड़े सटोरिये मिली भगत से आगे बाजार को बढ़ाने की कोशिश करेंगे, लेकिन जब भी 10/12 रुपए प्रति किलो की तेजी आए, कारोबारियों को माल बेचकर निकल जाना चाहिए, क्योंकि उत्पादन एवं निर्यात दोनों को देखते हुए लम्बी तेजी का कोई लॉजिक नहीं बनता है।

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